अलग-अलग पंथ पर सबका लक्ष्य वसुधैव कुटुंबकम: योगी

अलग-अलग पंथ पर सबका लक्ष्य वसुधैव कुटुंबकम: योगी

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बोला कि हिंदुस्तान में भिन्न-भिन्न पंथ और समुदाय हैं लेकिन यह विभाजन के लिए नहीं हैं यह लक्ष्य तक पहुंचने के लिए भिन्न-भिन्न मार्ग हैं लक्ष्य सबका एक ही है वसुधैव कुटुंबकम सबका एक ही संकल्प है तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें 

सीएम ने बोला है कि हम सभी को सदैव धर्म के मार्ग पर चलकर उसका अनुसरण करना चाहिए पूरे हिंदुस्तान को पीएम मोदी का नेतृत्व मिल रहा है यही कारण है कि आज नयी ऊर्जा के साथ हिंदुस्तान आगे बढ़ रहा है सीएम योगी शुक्रवार को वाराणसी स्थित जंगमबाड़ी मठ में आयोजित श्री श्री श्री 1008 जगद्गुरु ज्ञानसिंहासनाधीश्वर डाक्टर मल्लिकार्जुन विश्वाराध्य शिवाचार्य महास्वामी जी, काशीपीठ के पट्टाभिषेक कार्यक्रम में अपने विचार रख रहे थे संतगणों, धमार्चार्यों की गरिमामयी मौजूदगी में उन्होंने बोला कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी नेतृत्व में काशी विश्वनाथ मंदिर का अलौकिक कायाकल्प हुआ है ठीक इसी तरह का कार्य अयोध्या में भी हो रहा है भगवान राम का भव्य मंदिर बन रहा है

जंगमबाड़ी मठ में हुआ मुख्यमंत्री योगी का स्वागत

अयोध्या में राष्ट्र के हर पंथ और संप्रदाय के अनुयायियों के लिए अपनी धर्मशाला और मठ स्थापित करने के लिए अलग से भूमि आवंटन का काम प्रारम्भ होने वाला है इससे पहले, जंगमबाड़ी मठ पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी का औपचारिक स्वागत किया गया मठ में दीप प्रज्वलित कर योगी ने आयोजन की औपचारिक शुरूआत की इस दौरान सीएम को मठ प्रशासन की ओर से प्रसाद व धार्मिक वस्तुएं भेंट की गईं


सरकारी अस्पताल की बड़ी लापरवाही, 9 महीने के मासूम दुर्लभ रोग से ग्रसित

सरकारी अस्पताल की बड़ी लापरवाही,  9 महीने के मासूम दुर्लभ रोग से ग्रसित

Samastipur: समस्तीपुर के सरकारी हॉस्पिटल से एक बड़ी ढिलाई का मामला सामने आया है जन्म के समय ठीक ट्रीटमेंट ना मिलने की वजह से बच्चा सेवरल पल्सी रोग से ग्रसित हो गया वहीं, बच्चे के परिजन चिकित्सक को दोषी मान रहे हैं साथ ही, वह चिकित्सक पर कार्रवाई और बेटे के उपचार की मांग कर रहे हैं वहीं, सिविल सर्जन इस मुद्दे अलग-अगल दे  दलील

वहीं, बच्चे के माता-पिता का बोलना है कि 24 अप्रैल 2021 को विभूतिपुर पीएचसी हॉस्पिटल में अभिनंदन का जन्म हुआ था जन्म के समय बच्चे को किसी भी तरह की कोई कठिनाई नहीं थी चिकित्सक ने उसे स्वस्थ्य होने की बात कहकर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया था 

लेकिन कुछ महीने बीतने के बाद जब अभिनंदन ने उठना-बैठना प्रारम्भ नहीं किया तब उन लोगों ने उसका निजी हॉस्पिटल में उपचार कराना प्रारम्भ किया उपचार के दौरान चिकित्सक ने एमआरआई करने की राय दी एमआरआई रिपोर्ट में उन्हें जानकारी मिली कि, बच्चे के ब्रेन को प्रयाप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण वह सीपी कैटेगरी में जा चुका है

परिजनों ने बताया कि अब तक बच्चे के उपचार में काफी रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन अब वो बच्चे को बेहतर उपचार देने के लिए सक्षम नहीं हैं परिजन इस ढिलाई को लेकर डीएम से लेकर सीएस तक न्याय की गुहार लगा चुके है परिजन ने बताया कि सिविल सर्जन इसे ढिलाई नही मान रहे हैं,  एमआरआई रिपोर्ट को आधार नहीं मानते हुए वो इसे वंशानुगत रोग बता रहे हैं पीड़ित परिजन शासन और प्रशासन से बच्चे के समुचित उपचार के साथ दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं

वहीं, इस मुद्दे पर सिविल सर्जन डॉ एस के चौधरी का बोलना है कि वो सिविल सर्जन के साथ साथ एक शिशु रोग जानकार भी है जहां तक इस बच्चे की रोग की बात है इस तरह की कठिनाई के लिए कुछ हद तक ऑक्सीजन की कमी को बताया जा सकता है, लेकिन इसके अन्य कारण भी होते हैं जैसे- डिलीवरी में किसी तरह की कठिनाई या लेट होने की वजह से सिवरल पल्सी जैसी रोग होती है जहां तक ऑक्सीजन की कमी की बात है, हमारे किसी भी सरकारी हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कोई किल्लत नहीं है हालांकि, मुख्यमंत्री ने बच्चे के उपचार के लिए हर 
संभव सहायता का भरोसा जरूर दिया है

सरकारी हॉस्पिटल में बच्चे के जन्म के बाद इस तरह की गंभीर रोग से ग्रसित होने के आरोप को लेकर चाहे डॉक्टर जिम्मेवार हो या कोई अन्य कारण हो, लेकिन बड़ा प्रश्न यह है कि इस मासूम बच्चे के उपचार के लिये स्वास्थ्य विभाग अब कितना संवेदनशील होता है आवश्यकता है कमियों को ढ़कने के बजाय इस मासूम को समुचित उपचार उपलब्ध कराने की ताकि अभिनंदन भी अन्य बच्चों कि तरह बेहतर जीवन जी सके