मंदिर के पास खेल रहे 10 साल के बच्चे की करंट लगने से मौत

मंदिर के पास खेल रहे 10 साल के बच्चे की करंट लगने से मौत

एक पिता के लिए सबसे बड़ा दुख यह होता है कि वह अपने ही बेटे के मृत शरीर को कांधा दे ऐसा ही कुछ वाकया प्रयागराज में हुआ, जहां मंदिर के पास खेल रहे 10 वर्ष के बच्चे की करंट लगने से मृत्यु हो गई शीघ्र में घरवाले उसे हॉस्पिटल लेकर भागे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया पोस्टमार्टम के लिए मृत शरीर को प्रयागराज के स्वरूप रानी हॉस्पिटल लाया गया, लेकिन वहां पोस्टमार्टम के बाद परिवार को एंबुलेंस नहीं मिली इसके बाद पिता ने बेटे के मृत शरीर को कंधे पर रखकर 25 किलोमीटर का यात्रा पैदल ही तय किया यह मंजर जिसने भी देखा वह देखकर दंग रह गया कि कैसे एक पिता अपने बेटे के मृत शरीर को कंधे पर रखकर बारिश में पैदल ही जा रहा है

पीड़ित परिवार का बोलना है कि उन्हें सहायता के लिए कई लोगों ने बोला था, लेकिन जब सरकारी सहायता नहीं मिली तो उन्होंने किसी भी सहायता को लेने से मना कर दिया साथ ही बताया कि स्वरूप रानी हॉस्पिटल में जब उन्‍होंने एंबुलेंस की मांग की तो उनसे 2000 रुपये देने की बात कही गई, लेकिन पैसे ना होने की वजह से वह पैदल ही अपने बेटे के मृत शरीर को लेकर अपने घर पहुंचे

वहीं, मृतक शुभम यादव के पिता बजरंगी यादव ने बताया कि बेटे की मृत्यु के बाद अधिकारी भी उनके घर पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी साथ ही साथ कई वादे और दावे भी कर गए, लेकिन अब तक कुछ हुआ नहीं है

फफक फफकर रो पड़े मृतक के पिता

इस मुद्दे का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस का एक ऑडियो भी वायरल हुआ जिसमें एक पुलिस अधिकारी यह कहता हुआ सुनाई दे रहा है कि ये मात्र एक सोशल मीडिया स्टंट है फोटो खींचने के लिए बेटे के मृत शरीर को कंधे पर लेकर वह आदमी हॉस्पिटल से बाहर निकला न्यूज़ 18 लोकल की टीम से बात करते हुए पिता बजरंगी यादव रो पड़े कि आखिर कैसे कोई पिता अपने बेटे के मृत शरीर को लेकर प्रचार प्रसार कर सकता है

प्रयागराज की सांसद रीता बहुगुणा जोशी के प्रतिनिधि से हमने बात की तो उनका बोलना है कि यह पूरा मामला सियासी रंग ले रहा है जो नहीं होना चाहिए सांसद प्रतिनिधि चिकित्सक भगवत पांडे का बोलना है कि बेटे के मृत शरीर को लेकर जब क्षेत्रीय पार्षद की एंबुलेंस गई थी तो वापस लेने वह एंबुलेंस क्यों नहीं गई वहीं, पुलिस के ऑडियो पर उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया