सीएम योगी आदित्यनाथ की कठोरता के बाद प्रदेश में लगातार

सीएम योगी आदित्यनाथ की कठोरता के बाद प्रदेश में लगातार

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Aditya Nath) की कठोरता के बाद प्रदेश में लगातार गैर कानूनी निर्माण पर बुलडोजर (Bulldozer) चलाया जा रहा है वहीं बुलंदशहर (Bulandshahr) में भी अब लगातार गैर कानूनी कालोनियों पर बुलडोज़र (Bulldozer) चलाया जा रहा है आपको बता दें कि खुर्जा (Khurja) बुलंदशहर विकास प्राधिकरण की नाक के नीचे ही लगातार गैर कानूनी कॉलोनियों का निर्माण किया गया था और कुछ का निर्माण कार्य किया जा रहा है

वहीं लगातार विकास प्राधिकरण को मिल रही कम्पलेन पर बुलंदशहर विकास प्राधिकरण (Bulandshahr Development Authority) गैर कानूनी निर्माण पर बुलडोजर चलाया जा रहा है बुलंदशहर के खुर्जा में शुक्रवार को 45 बीघा भूमि पर बनी लगभग  10 से अधिक कॉलोनियों पर बुलंदशहर विकास प्राधिकरण का बुलडोज़र चलाया गया

आपको बता दें कि बुलंदशहर के खुर्जा क्षेत्र में एनएच 91 के दोनों साइड में प्राधिकरण के बुलडोज़र ने गैर कानूनी निर्माण को ध्वस्त किया जहां गैर कानूनी रूप से आवासीय कॉलोनियां बसाई जा रही थी कम्पलेन के बाद बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण ने बुलडोज़र चलाकर गैर कानूनी निर्माण गिराया वहीं बुलन्दशहर विकास प्राधिकरण के प्रभारी सचिव संतोष कुमार ने बताया कि हम लोग लगातार कार्रवाई कर रहे हैं

उन्होंने बोला कि अब तक 10 कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया है जिसके भीतर 45 बीघे के आसपास की भूमि में हो रहे गैर कानूनी निर्माण को ध्वस्त किया गया है  वहीं एक बड़ा प्रश्न ये भी उठता है कि जब ये गैर कानूनी निर्माण किए जा रहे थे तो तब वो अधिकारी बोला थे जिनके ऊपर इन गैर कानूनी निर्माण को रोके जाने की जिम्मेदारी थी आखिर ऐसे अधिकारी कर्मचारियों पर गवर्नमेंट कब कार्रवाई करेगी


सरकारी अस्पताल की बड़ी लापरवाही, 9 महीने के मासूम दुर्लभ रोग से ग्रसित

सरकारी अस्पताल की बड़ी लापरवाही,  9 महीने के मासूम दुर्लभ रोग से ग्रसित

Samastipur: समस्तीपुर के सरकारी हॉस्पिटल से एक बड़ी ढिलाई का मामला सामने आया है जन्म के समय ठीक ट्रीटमेंट ना मिलने की वजह से बच्चा सेवरल पल्सी रोग से ग्रसित हो गया वहीं, बच्चे के परिजन चिकित्सक को दोषी मान रहे हैं साथ ही, वह चिकित्सक पर कार्रवाई और बेटे के उपचार की मांग कर रहे हैं वहीं, सिविल सर्जन इस मुद्दे अलग-अगल दे  दलील

वहीं, बच्चे के माता-पिता का बोलना है कि 24 अप्रैल 2021 को विभूतिपुर पीएचसी हॉस्पिटल में अभिनंदन का जन्म हुआ था जन्म के समय बच्चे को किसी भी तरह की कोई कठिनाई नहीं थी चिकित्सक ने उसे स्वस्थ्य होने की बात कहकर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया था 

लेकिन कुछ महीने बीतने के बाद जब अभिनंदन ने उठना-बैठना प्रारम्भ नहीं किया तब उन लोगों ने उसका निजी हॉस्पिटल में उपचार कराना प्रारम्भ किया उपचार के दौरान चिकित्सक ने एमआरआई करने की राय दी एमआरआई रिपोर्ट में उन्हें जानकारी मिली कि, बच्चे के ब्रेन को प्रयाप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण वह सीपी कैटेगरी में जा चुका है

परिजनों ने बताया कि अब तक बच्चे के उपचार में काफी रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन अब वो बच्चे को बेहतर उपचार देने के लिए सक्षम नहीं हैं परिजन इस ढिलाई को लेकर डीएम से लेकर सीएस तक न्याय की गुहार लगा चुके है परिजन ने बताया कि सिविल सर्जन इसे ढिलाई नही मान रहे हैं,  एमआरआई रिपोर्ट को आधार नहीं मानते हुए वो इसे वंशानुगत रोग बता रहे हैं पीड़ित परिजन शासन और प्रशासन से बच्चे के समुचित उपचार के साथ दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं

वहीं, इस मुद्दे पर सिविल सर्जन डॉ एस के चौधरी का बोलना है कि वो सिविल सर्जन के साथ साथ एक शिशु रोग जानकार भी है जहां तक इस बच्चे की रोग की बात है इस तरह की कठिनाई के लिए कुछ हद तक ऑक्सीजन की कमी को बताया जा सकता है, लेकिन इसके अन्य कारण भी होते हैं जैसे- डिलीवरी में किसी तरह की कठिनाई या लेट होने की वजह से सिवरल पल्सी जैसी रोग होती है जहां तक ऑक्सीजन की कमी की बात है, हमारे किसी भी सरकारी हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कोई किल्लत नहीं है हालांकि, मुख्यमंत्री ने बच्चे के उपचार के लिए हर 
संभव सहायता का भरोसा जरूर दिया है

सरकारी हॉस्पिटल में बच्चे के जन्म के बाद इस तरह की गंभीर रोग से ग्रसित होने के आरोप को लेकर चाहे डॉक्टर जिम्मेवार हो या कोई अन्य कारण हो, लेकिन बड़ा प्रश्न यह है कि इस मासूम बच्चे के उपचार के लिये स्वास्थ्य विभाग अब कितना संवेदनशील होता है आवश्यकता है कमियों को ढ़कने के बजाय इस मासूम को समुचित उपचार उपलब्ध कराने की ताकि अभिनंदन भी अन्य बच्चों कि तरह बेहतर जीवन जी सके