मानसून की बारिश प्रारम्भ होने के बाद भी गर्मी का कहर जारी

 मानसून की बारिश प्रारम्भ होने के बाद भी गर्मी का कहर जारी

 मानसून की बारिश प्रारम्भ होने के बाद भी गर्मी का कहर जारी है प्रचंड गर्मी से राहत के लिए अब लोग भगवान की शरण में हैं गर्मी से निजात मिले और बारिश हो, इसके लिए वाराणसी के दुर्गा मंदिर के दक्षिणी कोने में स्थित दुर्ग विनायक मन्दिर में विशेष पूजा और शृंगार किया गया जल विहार शृंगार में बाबा के गर्भगृह में अस्थायी कुंड का निर्माण कर शीतल जल के फव्वारे लगाए गए इसके साथ ही विशेष फूलों से उनका शृंगार किया गया

गर्मी से राहत के लिए की जा रही इस विशेष पूजा-अर्चना के लिए पूरे मंदिर को आकर्षण ढंग से फल और फूलों से सजाया गया फिर चार पहर की आरती और भोग के बाद भगवान से प्रार्थना की गई कि जल्द से जल्द इस भयंकर गर्मी से लोगों को राहत मिले और बारिश हो मंदिर के पुजारी ओम प्रकाश दुबे ने बताया कि इस भयंकर गर्मी में भगवान भी भक्त की तरह ही परेशान होते हैं उन्हें गर्मी से बचाया जा सके, इसके लिए ये विशेष शृंगार और पूजा की जाती है

बारिश के लिए पूजा

इस विशेष शृंगार के पीछे एक मान्यता ये भी है कि ऐसा करने से भगवान दुर्ग विनायक प्रसन्न होते हैं अपने भक्तों को भयंकर गर्मी से राहत दिलाते हैं अंकित उपाध्याय ने बताया कि हर एक साल मंदिर में खास तिथि पर ये शृंगार होता है इसको देखकर भक्त भी प्रसन्न होते हैं

56 विनायकों में से है एक

बाबा विश्वनाथ के शहर बनारस में उनके पुत्र गजानंद के 67 पीठ हैं इसमें 56 विनायक और 11 गणेश पीठ हैं दुर्ग विनायक का मंदिर भी इन्हीं 56 विनायकों में से एक है मान्यता है कि दुर्ग विनायक के दर्शन मात्र से ही सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है इसके साथ ही गणेश चतुर्थी के अतिरिक्त बुधवार के दिन भी यहां दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लगी रहती है


विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत ने की मूर्तियां हटाने की मांग

विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत ने की मूर्तियां हटाने की मांग

भगवान शिव की नगरी काशी (Kashi News) में मंदिरों में स्थापित साईं बाबा (Sai Baba) की मूर्तियों पर एक बार फिर संग्राम छिड़ गया है काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत कुलपति तिवारी ने इसे लेकर प्रश्न उठाए हैं और वाराणसी (Varanasi) के मंदिरों से साईं बाबा की मूर्तियों को हटाने की मांग की है

कुलपति तिवारी ने शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का हवाला देते हुए बोला कि उन्होंने साईं बाबा को चांदमिया घोषित कर दिया है, उसके बाद भी लोग उनकी पूजा कर रहे हैं इतना ही नहीं कुलपति तिवारी ने बोला कि वाराणसी के मंदिरों से साईं बाबा की मूर्तियां हटाई जाए वहीं दूसरी तरफ विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत के इस बयान के बाद साईं भक्तों के साथ ही वाराणसी में स्थित साईं मंदिर के प्रबंधक और पुजारियों में नाराजगी है

भगवान से सद्बुद्धि
संत रघुवर नगर क्षेत्र में स्थित साईं मन्दिर के प्रमुख अभिषेक कुमार श्रीवास्तव ने बोला कि इतने बड़े पद पर बैठे किसी भी महंत को किसी के बारे में गलत शब्द नहीं बोलना चाहिए वह कहते हैं, ‘मैं तो भगवान से यही प्रार्थना करूंगा कि भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे बाकी भक्तों की आस्था है, वो कभी भी किसी के साथ भी जुड़ सकती है और किसी की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए

कोई नहीं छीन सकता अधिकार
वहीं कुलपति तिवारी के बयान पर साईं भक्तों का बोलना है कि बाबा में उनकी आस्था है, इसलिए वो उनकी पूजा करते हैं और कोई भी उनसे ये अधिकार नहीं छीन सकता है कुल मिलाकर यदि बात करें तो वाराणसी में पूर्व महंत के इस बयान के बाद एक बार फिर साईं बाबा को लेकर मामला गर्म हो गया है