इस बार MTS भर्ती की परीक्षा में लागू होंगे कौन से विशेष नियम, जानें यहाँ

इस बार MTS भर्ती की परीक्षा में लागू होंगे कौन से विशेष नियम, जानें यहाँ

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) भर्ती 2021 के लिए आवेदन प्रक्रिया खत्म हो गई है. आयोग ने इस भर्ती के लिए अभ्यर्थियों से 22 मार्च 2022 से 30 अप्रैल के बीच आवेदन मांगे थे. इस बार की MTS भर्ती अभ्यर्थियों के लिए बहुत ही खास है. दरअसल SSC इस बार MTS के 3,698 पदों के साथ केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) एवं केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) में हवलदार के 3603 पदों पर भी भर्ती करेगी. SSC ने इस भर्ती के लिए परीक्षा की तारीखों का भी ऐलान कर दिया है. दरअसल आयोग द्वारा कुछ समय पहले जारी किए गए एक नोटिस के अनुसार इस भर्ती के लिए पहले चरण की परीक्षा पाँच जुलाई 2022 से 22 जुलाई 2022 के बीच आयोजित की जाएगी. वहीं, यदि आप भी इस भर्ती में या SSC की अन्य किसी भर्ती में हिस्सा लेने जा रहे हैं तो इनकी बेहतर एवं पक्की तैयारी के लिए आप कामयाबी के  की सहायता ले सकते हैं और इनकी कम्पलीट तैयारी कर सकते हैं.

SSC ने अभ्यर्थियों को दी है यह बड़ी सुविधा :

MTS भर्ती 2021 के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को आयोग ने एक बड़ी सुविधा दी है. दरअसल आयोग ने अभ्यर्थियों को उनके आवेदन में सुधार का मौका दिया है. SSC ने अभ्यर्थियों के आवेदन में सुधार के लिए लिंक आधिकारिक वेबसाइट पर पांच मई 2022 से सक्रिय कर दिया है और अभ्यर्थी अपने आवेदन में 9 मई 2022 तक सुधार कर सकते हैं. आवेदन में सुधार के लिए अभ्यर्थियों को दो अवसर दिए जाएंगे. पहली बार अपने आवेदन में सुधार के लिए अभ्यर्थियों को 200 रुपये का शुल्क अदा करना होगा. वहीं यदि अभ्यर्थी दूसरी बार अपने आवेदन में सुधार करते हैं तो उन्हें 500 रुपये का शुल्क अदा करना होगा.

इस बार लागू होंगे कौन से विशेष नियम :

SSC ने MTS भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा के पैटर्न में कोई परिवर्तन नहीं किया है और यह परीक्षा पिछली MTS भर्ती के तर्ज पर ही आयोजित की जाएगी. हालांकि इस भर्ती की टियर 1 की परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की इसमें नेगेटिव मार्किंग की व्यवस्था लागू की जाएगी और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए अभ्यर्थियों का 0.25 मार्क्स काट लिया जाएगा. हवलदार तथा MTS भर्ती के लिए होने वाली टियर 1 की परीक्षा में अभ्यर्थियों से 100 अंक के 100 प्रश्न पूछे जाएंगे. इस पेपर में जनरल इंटेलीजेंस एंड रीजनिंग से 25 अंक के 25 प्रश्न, न्यूमेरिकल एप्टीट्यूड से 25 अंक के 25 प्रश्न, जनरल इंग्लिश से 25 अंक के 25 प्रश्न तथा जनरल अवेयरनेस से 25 अंक के 25 प्रश्न पूछे जाएंगे.

कैसे करें सरकारी जॉब की तैयारी :

अगर आप सरकारी जॉब का सपना देख रहे हैं और उसके लिए वर्षों से मेहनत कर रहे हैं लेकिन आप अपनी परीक्षा में सफल नहीं हो सके या फिर आपका प्रदर्शन अधिक अच्छा नहीं रहा तो आप एक बार कामयाबी डॉट कॉम द्वारा लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए चलाए जा रहे बैच और फ्री कोर्सेस का हिस्सा जरूर बनें. कामयाबी द्वारा इस समय NDA/NA, उत्तर प्रदेश लेखपाल, रेलवे ग्रुप D समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए खास कोर्स चलाए जा रहे हैं जिनकी सहायता से कई अभ्यर्थियों ने पहली बार में ही अपनी प्रतियोगी परीक्षा को बहुत बढ़िया अंकों से पास किया है. आप भी इन कोर्सेस की सहायता से अपनी बाकी की तैयारी और कंप्लीट रिवीजन कर सकते हैं तो देर किस बात की safalta app के जरिए तुरंत इन कोर्सेस में एडमिशन लें और सरकारी जॉब के अपने सपने को साकार करें.


दुर्लभ रोग से ग्रसित हुआ 9 महीने का मासूम पढे पूरी खबर

दुर्लभ रोग से ग्रसित हुआ 9 महीने का मासूम पढे पूरी खबर

Samastipur: समस्तीपुर के सरकारी हॉस्पिटल से एक बड़ी ढिलाई का मामला सामने आया है जन्म के समय ठीक ट्रीटमेंट ना मिलने की वजह से बच्चा सेवरल पल्सी रोग से ग्रसित हो गया वहीं, बच्चे के परिजन चिकित्सक को दोषी मान रहे हैं साथ ही, वह चिकित्सक पर कार्रवाई और बेटे के उपचार की मांग कर रहे हैं वहीं, सिविल सर्जन इस मुद्दे अलग-अगल दे  दलील

वहीं, बच्चे के माता-पिता का बोलना है कि 24 अप्रैल 2021 को विभूतिपुर पीएचसी हॉस्पिटल में अभिनंदन का जन्म हुआ था जन्म के समय बच्चे को किसी भी तरह की कोई कठिनाई नहीं थी चिकित्सक ने उसे स्वस्थ्य होने की बात कहकर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया था 

लेकिन कुछ महीने बीतने के बाद जब अभिनंदन ने उठना-बैठना प्रारम्भ नहीं किया तब उन लोगों ने उसका निजी हॉस्पिटल में उपचार कराना प्रारम्भ किया उपचार के दौरान चिकित्सक ने एमआरआई करने की राय दी एमआरआई रिपोर्ट में उन्हें जानकारी मिली कि, बच्चे के ब्रेन को प्रयाप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण वह सीपी कैटेगरी में जा चुका है

परिजनों ने बताया कि अब तक बच्चे के उपचार में काफी रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन अब वो बच्चे को बेहतर उपचार देने के लिए सक्षम नहीं हैं परिजन इस ढिलाई को लेकर डीएम से लेकर सीएस तक न्याय की गुहार लगा चुके है परिजन ने बताया कि सिविल सर्जन इसे ढिलाई नही मान रहे हैं,  एमआरआई रिपोर्ट को आधार नहीं मानते हुए वो इसे वंशानुगत रोग बता रहे हैं पीड़ित परिजन शासन और प्रशासन से बच्चे के समुचित उपचार के साथ दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं

वहीं, इस मुद्दे पर सिविल सर्जन डॉ एस के चौधरी का बोलना है कि वो सिविल सर्जन के साथ साथ एक शिशु रोग जानकार भी है जहां तक इस बच्चे की रोग की बात है इस तरह की कठिनाई के लिए कुछ हद तक ऑक्सीजन की कमी को बताया जा सकता है, लेकिन इसके अन्य कारण भी होते हैं जैसे- डिलीवरी में किसी तरह की कठिनाई या लेट होने की वजह से सिवरल पल्सी जैसी रोग होती है जहां तक ऑक्सीजन की कमी की बात है, हमारे किसी भी सरकारी हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कोई किल्लत नहीं है हालांकि, मुख्यमंत्री ने बच्चे के उपचार के लिए हर 
संभव सहायता का भरोसा जरूर दिया है

सरकारी हॉस्पिटल में बच्चे के जन्म के बाद इस तरह की गंभीर रोग से ग्रसित होने के आरोप को लेकर चाहे डॉक्टर जिम्मेवार हो या कोई अन्य कारण हो, लेकिन बड़ा प्रश्न यह है कि इस मासूम बच्चे के उपचार के लिये स्वास्थ्य विभाग अब कितना संवेदनशील होता है आवश्यकता है कमियों को ढ़कने के बजाय इस मासूम को समुचित उपचार उपलब्ध कराने की ताकि अभिनंदन भी अन्य बच्चों कि तरह बेहतर जीवन जी सके