बिजली की मांग को लेकर किसानों ने किया एक्शन कार्यालय का घेराव

बिजली की मांग को लेकर किसानों ने किया एक्शन कार्यालय का घेराव

 तहसील क्षेत्र के अखिल भारतीय किसान सभा के द्वारा चल रहा धरना पिछले 29 दिनों से एसडीएम कार्यालय के आगे जारी है किसान बीमा क्लेम और 6 घंटे बिजली देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं 

बिजली की मांग को लेकर किसानों ने एसडीएम कार्यालय से रैली निकालकर प्रशासन के विरूद्ध जमकर नारेबाजी करते हुए एक्शन कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए एक्शन कार्यालय का घेराव कर कृषि कुओं पर 6 घंटे बिजली देने की मांग की है किसानों के घेराव को लेकर एक्शन कार्यालय पर पुलिस बल भी तैनात किया गया किसानों की वार्ता में बिजली विभाग के एक्शन और थानाधिकारी बलराज सिंह मान भी उपस्थित रहे 

वार्ता में किसानों ने कृषि कुओं पर 6 घंटे बिजली देने की मांग की है, जिस पर बिजली विभाग के ऑफिसरों और किसानों के बीच सहमति नहीं बनी बिजली विभाग के ऑफिसरों ने बोला कि यह हमारे बस की बात नहीं है, ऊपर लेवल का मामला है अन्य कुछ मांगों को लेकर भी किसानों ने बिजली विभाग के अधिकारी से बात की है, जिसमें कुछ मांगों पर किसानों की सहमति बनी है लेकिन कृषि कुंओं पर 6 घंटे बिजली देने की मांग पर कोई वार्ता नहीं होने पर किसानों ने अपना धरना जारी रखने का आह्वान किया है 

अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश महामंत्री छगनलाल चौधरी ने बताया कि जब तक किसानों की मांग पूरी नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा इस आंदोलन में अखिल भारतीय किसान सभा के तहसील अध्यक्ष भगवानराम जाखड़, तहसील मंत्री काशीराम सारण, ग्यानाराम, महावीरसिंह धीरासर, चिमन सिंह राजपूत, कुमाराम जाखड़, हजारी राम जाखड़, हरफूल घोटिया, रामकुमार गर, श्योदत पोटलिया, हडमानाराम पातलीसर सहित अनेक किसान मौजूद रहे


नूपुर शर्मा पर की गई तल्ख टिप्पणियों को वापस लेने की मांग की गई

नूपुर शर्मा पर की गई तल्ख टिप्पणियों को वापस लेने की मांग की गई

नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) को लेकर उच्चतम न्यायालय में एक नयी अर्जी दाखिल की गई है इसमें नूपुर शर्मा पर की गई तल्ख टिप्पणियों को वापस लेने की मांग की गई है इस अर्जी के मुताबिक नूपुर के विरूद्ध टिप्पणी वापस होनी चाहिए ताकि निष्पक्ष सुनवाई हो सके उल्लेखनीय है कि जस्टिस सूर्यकांत की प्रतिनिधित्व वाली बेंच ने शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान  काफी तल्‍ख टिप्‍पणियां की थीं इसे लेकर आज हुई सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणीयों को लेकर CJI को पत्र याचिका दी गई सामाजिक कार्यकता अजय गौतम द्वारा CJI को दी गई पत्र याचिका में नूपुर शर्मा के विरूद्ध जस्टिस सूर्यकांत के द्वारा की गई टिप्पणी को वापस लेने की मांग करते हुए बोला कि नुपुर शर्मा को फेयर ट्रॉयल का मौका दिया जाए

जस्टिस सूर्यकांत द्वारा की गई टिप्पणियों का जिक्र करते हुए बोला गया है कि

1 नूपुर शर्मा ही उदयपुर हत्याकांड की उत्तरदायी है

2-वह राष्ट्र में आग के लिए उत्तरदायी है

3- उन्हें बिना शर्त TV  के सामने माफी मांगनी चाहिए थी

4- शर्मा ने राष्ट्र के विशेष समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया

5- राष्ट्र में जो कुछ भी हुआ नूपुर शर्मा ही सिर्फ उसके लिए उत्तरदायी है

6- दिल्ली पुलिस नूपुर शर्मा को अरैस्ट करने में असफल रही

7- राष्ट्र भर में होने वाली घटनाओ के लिए वह अकेले ही उत्तरदायी है

8- नूपुर शर्मा की मामूली जुबान ने पूरे राष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है

9- नूपुर का गुस्सा उदयपुर की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए उत्तरदायी है

इसके अतिरिक्त गौतम ने बोला है कि नूपुर शर्मा को जान को खतरा है इसलिए उनके विरूद्ध दर्ज सभी मामलों का दिल्ली ट्रांसफर किया जाए उच्चतम न्यायालय के वकील अजय गौतम ने इस बारे में लेटर पेट‍िशन दाख‍िल  की है उन्‍होंने इसे लेकर उच्चतम न्यायालय के चीफ जस्टिस से गुहार लगाई है उन्‍होंने बोला है कि निष्पक्ष सुनवाई के लिए नूपुर के विरूद्ध जस्टिस सूर्यकांत और पारदीवाला की मौखिक ट‍िप्‍पणी वापस होनी चाहिए गौतम का बोलना है कि कोर्ट का मौखिक टिप्पणी करना मुकदमा को प्रभावित करता है