ओवैसी के तीखे बोल कहा...

ओवैसी के तीखे बोल कहा...

विस्तार ऑल इण्डिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को हैदराबाद में पार्टी के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. यहां उनके साथ राष्ट्र के भिन्न-भिन्न राज्यों से चुने विधायक भी शामिल रहे. इस कार्यक्रम में ओवैसी ने बाबरी मस्जिद से लेकर ज्ञानवापी परिसर में जारी सर्वे तक का मामला उठाया. साथ ही उन्होंने संसद में मुस्लिमों की कम संख्या को लेकर कटाक्ष किया

कार्यक्रम में क्या कहे ओवैसी?
ओवैसी ने कहा, "वतन-ए-अजीज में मुस्लिम हकीकत को नहीं बदल सकता. वह किसी हुकूमत को नहीं बदल सकता. यह छल आपको दिया जा रहा है. हम हमेशा से ये बात समझते थे कि हमारा वोट बैंक है. आपका कभी वोट बैंक नहीं था. न है, न कभी रहेगा. आपको इन दिलनशीं बातों में फंसा कर हमेशा छल दिया जाता रहा है. आपका कभी वोट बैंक नहीं रहा.

उन्होंने कहा, "हुकूमत को हम नहीं बदल सकते. यदि बदल सकते तो हिंदुस्तान की संसद में इन कम मुस्लिम क्यों चुन कर आते. यदि हुकूमत बदल सकते तो संसद में गुजरात से अंतिम बार मुस्लिम सांसद कब हुआ था और क्यों नहीं जीता. यदि हम हुकूमतों बदल सकते तो फिर बाबरी मस्जिद की स्थान न्यायालय का निर्णय भी आ गया, अब ज्ञानवापी का समस्या प्रारम्भ हो गया. तो याद रखिए मेरी बात को आपको इजाजत है कि आप मेरी बात से सहमत न हों. लेकिन मैं उलेमाओं की मौजूदगी में कह रहा हूं कि जो मैंने सीखा और सीख रहा हूं, वो मुझे कहता है कि हम कभी हुकूमत नहीं बदल सकते. ये सच्चाई है.


दुर्लभ रोग से ग्रसित हुआ 9 महीने का मासूम पढे पूरी खबर

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Samastipur: समस्तीपुर के सरकारी हॉस्पिटल से एक बड़ी ढिलाई का मामला सामने आया है जन्म के समय ठीक ट्रीटमेंट ना मिलने की वजह से बच्चा सेवरल पल्सी रोग से ग्रसित हो गया वहीं, बच्चे के परिजन चिकित्सक को दोषी मान रहे हैं साथ ही, वह चिकित्सक पर कार्रवाई और बेटे के उपचार की मांग कर रहे हैं वहीं, सिविल सर्जन इस मुद्दे अलग-अगल दे  दलील

वहीं, बच्चे के माता-पिता का बोलना है कि 24 अप्रैल 2021 को विभूतिपुर पीएचसी हॉस्पिटल में अभिनंदन का जन्म हुआ था जन्म के समय बच्चे को किसी भी तरह की कोई कठिनाई नहीं थी चिकित्सक ने उसे स्वस्थ्य होने की बात कहकर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया था 

लेकिन कुछ महीने बीतने के बाद जब अभिनंदन ने उठना-बैठना प्रारम्भ नहीं किया तब उन लोगों ने उसका निजी हॉस्पिटल में उपचार कराना प्रारम्भ किया उपचार के दौरान चिकित्सक ने एमआरआई करने की राय दी एमआरआई रिपोर्ट में उन्हें जानकारी मिली कि, बच्चे के ब्रेन को प्रयाप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण वह सीपी कैटेगरी में जा चुका है

परिजनों ने बताया कि अब तक बच्चे के उपचार में काफी रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन अब वो बच्चे को बेहतर उपचार देने के लिए सक्षम नहीं हैं परिजन इस ढिलाई को लेकर डीएम से लेकर सीएस तक न्याय की गुहार लगा चुके है परिजन ने बताया कि सिविल सर्जन इसे ढिलाई नही मान रहे हैं,  एमआरआई रिपोर्ट को आधार नहीं मानते हुए वो इसे वंशानुगत रोग बता रहे हैं पीड़ित परिजन शासन और प्रशासन से बच्चे के समुचित उपचार के साथ दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं

वहीं, इस मुद्दे पर सिविल सर्जन डॉ एस के चौधरी का बोलना है कि वो सिविल सर्जन के साथ साथ एक शिशु रोग जानकार भी है जहां तक इस बच्चे की रोग की बात है इस तरह की कठिनाई के लिए कुछ हद तक ऑक्सीजन की कमी को बताया जा सकता है, लेकिन इसके अन्य कारण भी होते हैं जैसे- डिलीवरी में किसी तरह की कठिनाई या लेट होने की वजह से सिवरल पल्सी जैसी रोग होती है जहां तक ऑक्सीजन की कमी की बात है, हमारे किसी भी सरकारी हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कोई किल्लत नहीं है हालांकि, मुख्यमंत्री ने बच्चे के उपचार के लिए हर 
संभव सहायता का भरोसा जरूर दिया है

सरकारी हॉस्पिटल में बच्चे के जन्म के बाद इस तरह की गंभीर रोग से ग्रसित होने के आरोप को लेकर चाहे डॉक्टर जिम्मेवार हो या कोई अन्य कारण हो, लेकिन बड़ा प्रश्न यह है कि इस मासूम बच्चे के उपचार के लिये स्वास्थ्य विभाग अब कितना संवेदनशील होता है आवश्यकता है कमियों को ढ़कने के बजाय इस मासूम को समुचित उपचार उपलब्ध कराने की ताकि अभिनंदन भी अन्य बच्चों कि तरह बेहतर जीवन जी सके